लखीसराय बाईपास पर भारी वाहनों के परिचालन पर तत्काल रोक, वैकल्पिक मार्ग तलाशने के निर्देश
सचिव पंकज कुमार पाल ने की लखीसराय बाईपास की समीक्षा बैठक, निर्माण एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने का निर्देश पुल निगम और आईआईटी पटना की जांच रिपोर्ट के आधार पर सचिव ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आईआईटी पटना द्वारा जाँचे गए अन्य पुलों की रिपोर्ट पर भी त्वरित कार्रवाई का आदेश
पटना, 16 मई, 2026:- लखीसराय बाईपास रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के स्पैन में आए क्रैक के गंभीर मामले को लेकर पथ निर्माण विभाग के सचिव श्री पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बिहार राज्य पुल निर्माण निगम और आईआईटी (IIT) पटना द्वारा सौंपी गई विस्तृत तकनीकी जांच रिपोर्ट की गहन समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान सचिव ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पूरी तरह से अक्षम्य है। उन्होंने संबंधित निर्माण एजेंसी को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट करने का निर्देश दिया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पुल निगम और तकनीकी विशेषज्ञों की देखरेख में आरओबी की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया जाए ताकि इसे शीघ्र अति शीघ्र दुरुस्त कर जनता के लिए सुरक्षित बनाया जा सके।
लखीसराय शहर की लाइफलाइन माने जाने वाले इस बाईपास आरओबी की संवेदनशीलता को देखते हुए, सुरक्षा के लिहाज से इस पर भारी वाहनों के परिचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल हल्के वाहनों की लखीसराय बाइपास से गुजरने की अनुमति रहेगी।
सचिव ने विभाग के अधिकारियों को जिला प्रशासन से निरंतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया है, ताकि आम जनता को जाम की समस्या से न जूझना पड़े और सुचारू यातायात के लिए जल्द से जल्द वैकल्पिक मार्गों को चिन्हित कर उन्हें चालू किया जा सके।
सचिव श्री पंकज कुमार पाल ने स्पष्ट कहा कि गुणवत्तापूर्ण निर्माण से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दास्त नहीं किया जाएगा। घटिया निर्माण के लिए एजेंसी के साथ ही अभियंता जिम्मेदार होंगे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में लखीसराय स्थित मालिया ब्रिज सहित अन्य पुलों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई।
इसके अतिरिक्त आईआईटी पटना द्वारा राज्य के अन्य पुलों के संबंध में सौंपी गई रिपोर्ट पर भी विमर्श हुआ। आईआईटी ने 9 अन्य प्रमुख ब्रिजों की रिपोर्ट सौंपी है। साथ ही, 37 अलग-अलग अन्य पुलों की भी जांच रिपोर्ट की समीक्षा की गई।
सचिव ने निदेशित किया कि इन सभी जांच रिपोर्टों के आधार पर सुरक्षा मानकों का आकलन करते हुए आगे की विधि सम्मत और सुधारात्मक कार्रवाई तेजी से सुनिश्चित की जाय। सचिव ने कहा कि पथ निर्माण विभाग राज्य में आवागमन को सुरक्षित और सुदृढ़ रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पटना से एनबीसी 24 के लिए कुमार गौतम की रिपोर्ट।